हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, महान फ़क़ीह हज़रत आयतुल्लाह सय्यद मूसा शुबैरी जंजानी (र) के निधन पर हज़रत आयतुल्लाह मकारिम शिराज़ी के शोक संदेश का पूरा पाठ इस प्रकार है:
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन।
महान विद्वान फ़क़ीह हज़रत आयतुल्लाह सय्यद मूसा शुबैरी जंजानी (र) के निधन से मुझे बहुत गहरा दुख और अफसोस हुआ।
इस महान विद्वान ने अपने जीवन के कई वर्षों को अहलेबैत (अ) की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार, शिष्यों के प्रशिक्षण, मोमिनों के मार्गदर्शन और अपने अनुयायियों की रहनुमाई में बिताया। उनका निधन हौज़ा-ए-इल्मिया और मोमिनों के समाज के लिए एक भारी क्षति है।
निस्संदेह, इस महान फ़क़ीह के विद्वतापूर्ण और तरबीयती कार्य तथा उनकी मूल्यवान सेवाएँ इस दुनिया में उनके लिए सदक़ा-ए-जारीया और नेक कर्मों का ऐसा भंडार हैं, जो अल्लाह की कृपा से आख़िरत में उनके लिए उपयोगी साबित होंगे और उनके दर्जे की बुलंदी का कारण बनेंगे।
तालिबे-इल्मी के दौर में उनके साथ बिताए गए सुखद दिनों तथा शहीद डॉक्टर बहिश्ती और इमाम मूसा सद्र (र) के साथ बिताए समय की यादें और उस दौर की बहसों में उनकी सूक्ष्म दृष्टि तथा गहन विद्वता को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
मैं इस दुखद क्षति पर हज़रत वली-ए-अस्र (अरवाहुना फ़िदाह), हौज़ा-ए-इल्मिया, उनके शिष्यों, अनुयायियों और इस दिवंगत विद्वान से प्रेम रखने वालों, विशेष रूप से उनके सम्मानित पुत्रों और उनके प्रतिष्ठित परिवार की सेवा में संवेदना प्रकट करता हूँ। साथ ही, अल्लाह की बारगाह में दुआ करता हूँ कि वह दिवंगत के दर्जे को बुलंद करे और उन्हें अपने नेक बंदों के साथ रखे तथा उनके परिजनों को धैर्य और भरपूर सवाब प्रदान करे।
वस्सलामो अलैकुम व रहमतुल्लाह
क़ुम — नासिर मकारिम शिराज़ी
21 सितम्बर 2026 ई
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